Current Date & Time
Current Date & Time
Home Latest Updates एनसीडब्ल्यू की नई गाइडलाइन:चालक-वाहन सत्यापन से रियल टाइम अलर्ट तक; महिलाओं की सुरक्षा में क्या बदलेगा? – Ncw Women Safety Guidelines Cab Auto Bike Taxi Sos Driver Verification
Latest Updates

एनसीडब्ल्यू की नई गाइडलाइन:चालक-वाहन सत्यापन से रियल टाइम अलर्ट तक; महिलाओं की सुरक्षा में क्या बदलेगा? – Ncw Women Safety Guidelines Cab Auto Bike Taxi Sos Driver Verification

Share
Share


कैब, ऑटो और बाइक टैक्सी में महिलाओं की सुरक्षा मजबूत करने के लिए राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) ने 19 बिंदुओं वाली सुरक्षा गाइडलाइन जारी की है। आयोग ने रात के समय सुरक्षा को विशेष प्राथमिकता देते हुए कैब कंपनियों के लिए एसओएस अलर्ट का 60 सेकंड के भीतर जवाब देना अनिवार्य करने की सिफारिश की है। एनसीडब्ल्यू की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को गाइडलाइन लागू करने के लिए कहा है।

गाइडलाइन के तहत एप पर दिखाए गए ड्राइवर की फोटो और वास्तविक ड्राइवर का मिलान अनिवार्य होगा। दोनों में अंतर होने पर महिला यात्री बिना किसी शुल्क के राइड रद्द कर सकेगी। हर ड्राइवर और वाहन का पुलिस सत्यापन तथा आपराधिक रिकॉर्ड की जांच जरूरी होगी और समय-समय पर दोबारा सत्यापन किया जाएगा। चालकों को लैंगिक संवेदनशीलता का प्रशिक्षण देना होगा। महिलाओं के लिए सत्यापित महिला ड्राइवरों की सूची उपलब्ध कराने और अकेली महिला यात्रियों को महिला ड्राइवर चुनने का विकल्प देने की भी व्यवस्था करने को कहा गया है।

हर कैब में होंगे एसओएस बटन : गाइडलाइन में 24×7 सुरक्षा निगरानी और पुलिस के साथ समन्वय की व्यवस्था का प्रस्ताव है। हर कैब में यात्री की पहुंच में फिजिकल एसओएस बटन होगा। आपात स्थिति में चालक, वाहन नंबर और लाइव लोकेशन पुलिस तथा परिजनों के साथ साझा की जाएगी। महिला या बुजुर्ग यात्री को सुनसान जगह पर नहीं उतारा जा सकेगा। 

ये भी पढ़ें: अस्थमा का इनहेलर अब पर्यावरण को भी बचाएगा: 90% तक घटेगा कार्बन उत्सर्जन; कैसे काम करेगा?

रात में राइड पर विशेष निगरानी

रात की राइड में चालक व वाहन का फोटो सत्यापन, नशे की जांच तथा यात्री के भरोसेमंद संपर्क को राइड की जानकारी सीधे साझा करने की व्यवस्था होगी। कार पूलिंग में यात्री की अनुमति के बिना कोई दूसरा यात्री नहीं जोड़ा जा सकेगा और साथ यात्रा करने वाले व्यक्ति की सत्यापित जानकारी दिखाई जाएगी। रूट में बदलाव होने पर यात्री और कंपनी को रियल टाइम अलर्ट मिलेगा। सुनसान जगह पर लंबे समय तक वाहन रुकने जैसे संदिग्ध स्टॉपेज की निगरानी की जाएगी और जरूरत पड़ने पर सुरक्षा की जांच की जाएगी।’

मिल रही शिकायतों के बाद उठाया कदम

आयोग की यह पहल किसी  एक घटना तक सीमित नहीं है। पिछले कुछ महीनों में महिला यात्रियों से जुड़े रूट बदलने, गलत व्यवहार, धमकी, परेशान करने और राइड खत्म होने के बाद संपर्क करने जैसी शिकायतें सामने आती रही हैं। नोएडा समेत कई मामलों को लेकर शिकायतें और कानूनी कार्रवाई भी हुई है।



Source link

Share

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles