अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई के नाम को बदलने की चर्चा छेड़ दी है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया मंच ट्रुथ सोशल पर एक ऑनलाइन पोल शुरू किया और लोगों से एआई के लिए नया नाम चुनने को कहा। ट्रंप ने सुपीरियर इंटेलिजेंस, एक्सट्रीम इंटेलिजेंस और सुप्रीम इंटेलिजेंस तीन विकल्प दिए हैं। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस नाम सटीक नहीं है और सुनने में भी प्रभावी नहीं लगता।
ट्रंप ने लोगों से नए नाम के लिए वोट करने को कहा। ट्रंप ने अपने पोस्ट में कहा कि कई लोगों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस शब्द गलत और बहुत कम प्रभावी लगता है। उनके मुताबिक इस तेजी से बढ़ती तकनीकी क्रांति के लिए सुपीरियर इंटेलिजेंस, एक्सट्रीम इंटेलिजेंस या सुप्रीम इंटेलिजेंस ज्यादा उपयुक्त नाम हो सकते हैं। उन्होंने लोगों से इन विकल्पों में वोट करने की अपील की। पोल शुरू होने के कुछ ही समय में हजारों लोगों ने इसमें हिस्सा लिया। शनिवार दोपहर 12:45 बजे तक 27 हजार से ज्यादा लोग वोट कर चुके थे।
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ट्रंप एआई का नाम क्यों बदलना चाहते हैं?
ट्रंप का कहना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस नाम इस तकनीक की मौजूदा क्षमता और तेजी से हो रहे विकास को सही तरह नहीं बताता। उन्होंने इसके लिए तीन नए नाम सुझाए हैं। इनमें सुपीरियर इंटेलिजेंस का मतलब श्रेष्ठ बुद्धिमत्ता, एक्सट्रीम इंटेलिजेंस का मतलब अत्यधिक बुद्धिमत्ता और सुप्रीम इंटेलिजेंस का मतलब सर्वोच्च बुद्धिमत्ता है। ट्रंप ने इन नामों को मौजूदा नाम की तुलना में ज्यादा प्रभावी और सटीक बताया है। पोल के जरिए वह यह देखना चाहते हैं कि उनके फॉलोअर्स इनमें से किस नाम को पसंद करते हैं।
पोल में लोगों ने किस नाम को ज्यादा पसंद किया?
पोल शुरू होने के पहले घंटे में करीब 30 हजार लोगों ने वोट किया था। उस समय सुपीरियर इंटेलिजेंस करीब 42 प्रतिशत वोट के साथ आगे था। हालांकि वोटिंग जारी रहने के साथ आंकड़े बदलते रहे। शनिवार दोपहर 12:45 बजे तक 27 हजार से ज्यादा लोग मतदान कर चुके थे। यह ध्यान रखना जरूरी है कि यह पोल ट्रंप के सोशल मीडिया फॉलोअर्स के बीच हुआ है। इसलिए इसके नतीजे को पूरे अमेरिका की जनता की राय नहीं माना जा सकता।
क्या एआई की रफ्तार और नियंत्रण को लेकर भी बहस चल रही है?
ट्रंप का यह पोल ऐसे समय आया है, जब एआई के विकास की रफ्तार और उस पर सरकारी निगरानी को लेकर अमेरिका में बहस चल रही है। एंथ्रोपिक के सीईओ डारियो अमोडेई ने एआई मॉडल के विकास की गति धीमी करने की बात कही है। ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन और एलन मस्क ने भी एआई की तेज प्रगति और उसे सुरक्षित तरीके से नियंत्रित करने को लेकर चिंता जताई है। दूसरी ओर ट्रंप ने एआई विकास को धीमा करने के विचार का विरोध किया है और इसे अमेरिका की तकनीकी बढ़त से जोड़कर देखा है।
लोग एआई को लेकर कितने चिंतित हैं?
एआई के बढ़ते इस्तेमाल को लेकर लोगों की चिंता भी सामने आ रही है। प्यू रिसर्च सेंटर के 2026 के अमेरिकी सर्वेक्षण के अनुसार, 52 प्रतिशत अमेरिकी वयस्कों ने कहा कि रोजमर्रा की जिंदगी में एआई के बढ़ते इस्तेमाल को लेकर वे उत्साहित होने के बजाय ज्यादा चिंतित हैं। 18 से 29 वर्ष की उम्र के लोगों में यह आंकड़ा 55 प्रतिशत था। सर्वेक्षण के मुताबिक एआई को लेकर चिंता 2021 के मुकाबले बढ़ी है। ऐसे माहौल में ट्रंप का एआई के नाम और इसके विकास को लेकर यह नया कदम तकनीक पर चल रही व्यापक बहस का हिस्सा बन गया है।
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