बुधवार को भारतीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव का दौर देखा गया। पिछले सत्र में बढ़त के बाद आज बाजार लाभ और हानि के बीच झूलता रहा। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और विदेशी निवेश की लगातार निकासी ने बाजार की धारणा को प्रभावित किया। निवेशक कंपनियों की तिमाही आय का भी आकलन कर रहे थे।
शुरुआत में, 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 32.96 अंक गिरकर 73,000.82 पर आ गया था। वहीं, 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 32.65 अंक फिसलकर 22,688.75 पर पहुंच गया था। हालांकि, बाद में दोनों प्रमुख सूचकांकों ने अपनी शुरुआती सभी हानि की भरपाई कर ली। बीएसई बेंचमार्क 161.48 अंक की बढ़त के साथ 73,195.26 पर कारोबार कर रहा था। निफ्टी भी 36 अंक चढ़कर 22,757.95 पर पहुंच गया।
भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से डॉलर की अल्पकालिक मांग को कम करने और सट्टेबाजी से जुड़े विदेशी मुद्रा जोखिम को सीमित करने के लिए किए गए हस्तक्षेपों के कारण बुधवार को शुरुआती कारोबार में रुपया डॉलर के मुकाबले 44 पैसे बढ़कर 94.92 पर पहुंच गया।
सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, एचसीएलटेक, इंफोसिस और कोटक महिंद्रा बैंक प्रमुख लाभ में रहे। अल्ट्राटेक सीमेंट, टेक महिंद्रा, मारुति और एचडीएफसी बैंक भी बढ़ने वाले शेयरों में शामिल थे। दूसरी ओर, सन फार्मा, बजाज फाइनेंस, बजाज फिनसर्व, लार्सन एंड टुब्रो और पावर ग्रिड प्रमुख हानि में रहे।
क्या रहे बाजार में तेजी के मुख्य कारण?
बाजार में यह वापसी आईटी शेयरों और एचडीएफसी बैंक में हुई मजबूत खरीदारी के कारण हुई। वैश्विक तेल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 0.62 फीसदी की वृद्धि के साथ 106.4 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था। मंगलवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने 1,305.13 करोड़ रुपये की इक्विटी बेची थी। इसके बावजूद बाजार में तेजी देखी गई।
मंगलवार को कैसा रहा था बाजार का प्रदर्शन?
मंगलवार को सेंसेक्स 1,109.10 अंक या 1.54 फीसदी उछलकर 73,033.78 पर बंद हुआ था। यह चार महीने में इसकी सबसे अच्छी एकल-दिवसीय वृद्धि थी। निफ्टी भी 358.60 अंक या 1.60 फीसदी चढ़कर 22,721.95 पर समाप्त हुआ। यह दो महीने से अधिक समय में इसकी सबसे अच्छी एकल-दिवसीय वापसी थी। एशियाई बाजारों में तेजी रही, जबकि अमेरिकी बाजार मंगलवार को हानि के साथ बंद हुए थे।
Leave a comment