10:50 AM, 06-Nov-2026
राशि के अनुसार जानें धनतेरस पर क्या खरीदना रहेगा शुभ
- मेष राशि के लोग तांबे का लोटा खरीद सकते हैं। इसे शुभ माना जाता है। इससे सुख-शांति और समृद्धि आती है।
- वृषभ राशि के जातकों के लिए चांदी के आभूषण खरीदना शुभ रहेगा। इससे मानसिक शांति और सुख-समृद्धि आती है।
- मिथुन राशि के लोग हरे मूंग की खरीदारी कर सकते हैं। इसे लाभकारी माना जाता है और आपको सम्मान-सफलता मिलती हैं।
- कर्क राशि के जातक सफेद रंग की सजावटी वस्तुएं घर ला सकते हैं। यह आपके लिए खास साबित होगा।
- सिंह राशि के लोगों के लिए सोने के आभूषण खरीदना शुभ रहेगा। इससे धन-धान्य बढ़ता है।
- कन्या राशि के जातक तांबे के बर्तन खरीद सकते हैं। इससे खुशहाली बनी रहती है।
- तुला राशि के लोगों के लिए आभूषणों की खरीदारी शुभ मानी जाती है।
- वृश्चिक राशि के जातक अपनी पसंद और सामर्थ्य के अनुसार किसी भी नई वस्तु की खरीदारी कर सकते हैं।
- धनु राशि के लोगों के लिए दीपक खरीदना शुभ रहेगा। इससे घर में सकारात्मत ऊर्जा बढ़ती हैं।
- मकर राशि के जातक धनतेरस पर झाड़ू खरीद सकते हैं। इसे सुख-समृद्धि का प्रतीक माना जाता है।
- कुंभ राशि के लोग गोमती चक्र खरीद सकते हैं। इसे शुभ और कल्याणकारी माना जाता है।
- मीन राशि के जातक सोने की खरीदारी कर सकते हैं। मान्यता है कि इससे सुख-सौभाग्य में वृद्धि होती है।
10:30 AM, 06-Nov-2026
धनतेरस पर वाहन खरीदने के बाद जरूर करें ये काम
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नया वाहन खरीदने के बाद उसकी पूजा करना शुभ माना जाता है। इसके लिए सबसे पहले वाहन को साफ करें और उस पर लाल चंदन से स्वास्तिक बनाएं। इसके बाद अक्षत अर्पित करें और स्वास्तिक पर मौली लगाएं।
- वाहन की विधि-विधान से पूजा करें।
- वाहन पर फूल और अक्षत चढ़ाएं।
- दीपक जलाकर वाहन की आरती उतारें।
- नारियल अर्पित करें और मौली या कलावा बांधें।
- भगवान गणेश और माता लक्ष्मी का स्मरण करें।
- शनि देव का ध्यान करते हुए उनके मंत्रों का जाप भी कर सकते हैं।
धनतेरस 2026 की शुभकामनाएं: अपनों को भेजें मां लक्ष्मी और भगवान धन्वंतरि के आशीर्वाद से भरे ये खास संदेश
10:15 AM, 06-Nov-2026
प्रमुख शहरों में राहुकाल का समय
धनतेरस पर वाहन खरीदने से पहले अपने शहर के राहुकाल की जानकारी जरूर रखें। राहुकाल को ज्योतिष में शुभ कार्यों के लिए अनुकूल नहीं माना जाता है। प्रमुख शहरों में इसका समय इस प्रकार रहेगा।
- दिल्ली: सुबह 10:43 से दोपहर 12:05 बजे तक।
- मुंबई: सुबह 10:57 से दोपहर 12:22 बजे तक।
- चंडीगढ़: सुबह 10:45 से दोपहर 12:06 बजे तक।
- लखनऊ: सुबह 10:27 से 11:50 बजे तक।
- भोपाल: सुबह 10:40 से दोपहर 12:04 बजे तक।
- कोलकाता: सुबह 9:56 से 11:20 बजे तक।
- अहमदाबाद: सुबह 10:59 से दोपहर 12:23 बजे तक।
- चेन्नई: सुबह 10:25 से 11:52 बजे तक।
09:50 AM, 06-Nov-2026
धनतेरस 2026 पर वाहन खरीदने का शुभ मुहूर्त
6 नवंबर को वाहन खरीदने के लिए दिनभर कई शुभ समय उपलब्ध रहेंगे। आप अपनी सुविधा के अनुसार इन मुहूर्तों में कार, बाइक या अन्य वाहन की बुकिंग और डिलीवरी की योजना बना सकते हैं।
-
सुबह 7:54 से 9:17 बजे तक: लाभ चौघड़िया।
-
सुबह 9:16 से 10:38 बजे तक: अमृत चौघड़िया।
-
दोपहर 12:00 से 12:45 बजे तक: अभिजीत मुहूर्त।
-
दोपहर 4:11 से शाम 5:33 बजे तक: चर चौघड़िया।
-
शाम 6:03 से 7:19 बजे तक: शुभ समय।
-
रात 8:49 से 10:27 बजे तक: लाभ मुहूर्त।
09:30 AM, 06-Nov-2026
धनतेरस पूजा सामग्री की पूरी सूची
- पूजा के लिए लकड़ी की चौकी
- अक्षत
- मौली या कलावा
- चंदन और कुमकुम
- हल्दी और अबीर
- लाल व पीले फूल
- फूलों की माला
- धूप और अगरबत्ती
- लाल या पीला कपड़ा
- गंगाजल
- कलश और आम के पत्ते
- एक बड़ा मिट्टी का दीपक
- पूजा की थाली
- माता लक्ष्मी और गणेश जी की प्रतिमा
- भगवान कुबेर और धन्वंतरि की तस्वीर
- लौंग और इलायची
- सिक्के
- गुड़ या शक्कर
- स्वस्तिक बनाने के लिए रोली या हल्दी
- दक्षिणा के लिए नकद राशि
- आटा या रंगोली के रंग
- चढ़ावे के लिए अन्य पूजन सामग्री
- कपूर
- घी और सरसों का तेल
- रुई की बाती
- 13 मिट्टी के दीपक
- यमराज जी के लिए दीपक
- कुबेर यंत्र
- कौड़ियां
- सुपारी और पान के पत्ते
- मौसमी फल
- मिठाई और पंचमेवा
- खील और बताशे
- धनिया के बीज
- धान और मूंग
- नई झाड़ू
- नए बर्तन
09:10 AM, 06-Nov-2026
धनतेरस का स्वास्थ्य से क्या संबंध है?
धनतेरस केवल धन की पूजा का अवसर नहीं है। यह पर्व हमें स्वास्थ्य और जीवन के महत्व की भी याद दिलाता है। भगवान धन्वंतरि का संबंध आयुर्वेद से होने के कारण इस दिन आरोग्य की कामना की जाती है। इसलिए धनतेरस पर धन-संपत्ति के साथ-साथ अपने और परिवार के स्वास्थ्य को भी प्राथमिकता देने का संकल्प लेना चाहिए। धनतेरस 2026 पर भगवान धन्वंतरि की पूजा करके परिवार की सुख-समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य की कामना करें।
08:50 AM, 06-Nov-2026
भगवान धन्वंतरि के प्राकट्य की पौराणिक कथा
पौराणिक कथाओं के अनुसार, एक समय देवताओं और असुरों के बीच अमृत प्राप्त करने के लिए समुद्र मंथन करने का निर्णय हुआ। इसके लिए मंदराचल पर्वत को मथनी और भगवान विष्णु के कूर्म अवतार को आधार बनाया गया। वासुकी नाग को रस्सी बनाकर देवताओं और असुरों ने मिलकर क्षीरसागर का मंथन शुरू किया। समुद्र मंथन से एक के बाद एक कई दिव्य रत्न, ऐरावत हाथी, उच्चैःश्रवा घोड़ा, देवी लक्ष्मी और अन्य बहुमूल्य वस्तुएं प्रकट हुईं। इसी मंथन के दौरान भगवान धन्वंतरि अपने हाथों में अमृत से भरा कलश लेकर प्रकट हुए। उन्हें भगवान विष्णु का अंशावतार और आयुर्वेद का प्रवर्तक माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, भगवान धन्वंतरि के प्राकट्य की स्मृति में ही कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को धनतेरस का पर्व मनाया जाता है। इस दिन उनकी पूजा-अर्चना करके लोग अपने परिवार के अच्छे स्वास्थ्य, दीर्घायु और सुख-समृद्धि की कामना करते हैं।
08:30 AM, 06-Nov-2026
भगवान धन्वंतरि को किसका देवता माना जाता है?
भगवान धन्वंतरि को आयुर्वेद, चिकित्सा और स्वास्थ्य का देवता माना जाता है। धार्मिक परंपरा में उनका विशेष स्थान है। उनकी पूजा के माध्यम से लोग अपने परिवार के अच्छे स्वास्थ्य, लंबी आयु और निरोगी जीवन की प्रार्थना करते हैं। धनतेरस का पर्व यह संदेश भी देता है कि जीवन में धन-संपत्ति के साथ स्वास्थ्य का होना भी बेहद जरूरी है।
08:10 AM, 06-Nov-2026
धनतेरस पर जरूर खरीदें ये 3 शुभ चीजें
- धनतेरस पर झाड़ू खरीदना बेहद शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि झाड़ू का संबंध मां लक्ष्मी से होता है। इसे घर लाने से दरिद्रता दूर होती है और घर में सुख-समृद्धि का वास बना रहता है।
- धनतेरस पर साबुत धनिया खरीदने की भी परंपरा है। इस दिन धनिया खरीदने से मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है।
- धनतेरस पर मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की मूर्ति खरीदना भी शुभ माना जाता है। दिवाली पूजन के लिए इनकी मूर्तियां घर लाना मंगलकारी माना जाता है।
07:49 AM, 06-Nov-2026
धनतेरस का धार्मिक महत्व
धनतेरस पर मां लक्ष्मी, कुबेर देवता और भगवान धन्वंतरि की पूजा करने का विशेष विधान होता है। धनतरेस पर पीतल और चांदी के बर्तन खरीनदने की विशेष परंपरा होती है। ऐसी मान्यता है इस दिन शुभ खरीदारी करने से धन में वृद्धि और समृद्धि आती है। इसके अलावा सोने की खरीदारी का भी खास महत्व होता है। इस दिन शाम को घर के मुख्य दरवाजे और आंगन में दीपक जलाए जाते हैं। इसके एक दीपक यमराज के लिए भी जलाने का विशेष महत्व होता है।
Leave a comment