टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस के बहाने जांच एजेंसियों को पहली बार यह बात पता चली है कि लॉरेंस बिश्नोई गैंग अब अपने गिरोह में महिलाओं की भी भर्ती कर रहा है। सोमवार को ही मुंबई पुलिस ने हरियाणा के करनाल से विदेश में बैठे गैंग के सरगना अनिल पंडित की साली सुनैना को गिरफ्तार किया है। इससे पहले मुंबई पुलिस ने इसी केस में बबीता और राधा नाम की दो लड़कियों को भी पकड़ा था।
अब नागपुर में भी लॉरेंस बिश्नोई के नाम पर ज्वैलरों को धमकी देने के मामले में एक महिला की बड़ी भूमिका सामने आई है। नागपुर के आठ सर्राफा व्यापारियों को 10-10 लाख रुपये की उगाही की धमकी वाले खत मिले हैं। खास बात यह है कि इन पत्रों को व्यापारियों तक पहुंचाने का तरीका भी बिल्कुल अलग और हैरान करने वाला था। एक महिला सीधे एक ज्वेलर की दुकान पर पहुंची और डाक शुल्क के नाम पर 10 रुपये लेकर ज्वेलर को लिफाफा थमाकर चली गई।
महिला ने 10 रुपये मांगे और थमाया लिफाफा
पुलिस के अनुसार, नागपुर के न्यू इतवारी रोड स्थित एक ज्वेलरी दुकान के मालिक को 31 अक्तूबर को एक लिफाफा मिला था। उनकी शिकायत के मुताबिक, दोपहर 3 बजे से 3:30 बजे के बीच एक महिला उनकी दुकान पर आई थी। उसने डाक शुल्क के नाम पर 10 रुपये मांगे और दुकान मालिक नेहल को जाने से पहले एक लिफाफा थमा दिया।
कुछ देर बाद जब नेहल ने वह लिफाफा खोला, तो उसके अंदर एक धमकी भरा पत्र निकला। हैरानी की बात यह थी कि उसी एक ही लिफाफे में सात अन्य सर्राफा व्यापारियों के नाम से भी अलग-अलग धमकी भरे पत्र रखे हुए थे। इन सभी पत्रों में प्रत्येक कारोबारी से 10-10 लाख रुपये की फिरौती देने की मांग की गई है। साथ ही, तीन दिनों के भीतर यह रकम नहीं देने पर व्यापारियों और उनके परिवार के सदस्यों को जान से मारने की खुली धमकी भी दी गई है।
रंगदारी मांगने वाले ने खुद को बताया बिश्नोई गैंग का शूटर
पत्र भेजने वाले ने खुद को मुंबई स्थित लॉरेंस बिश्नोई गैंग का शूटर बताया है। इतना ही नहीं, पत्र में काफी अश्लील और गाली-गलौज वाली भाषा का भी इस्तेमाल किया गया है। इस मामले में रविवार को ही तहसील पुलिस स्टेशन में उगाही की मांग करने और आपराधिक धमकी देने के आरोप में अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन पत्रों को आखिर किसने तैयार किया था?
सर्राफा बाजार में बढ़ाई गई सुरक्षा
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि मामले की बहुत गंभीरता से जांच की जा रही है और सर्राफा व्यापारियों की सुरक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक इनपुट की मदद से पत्र पहुंचाने वाली महिला और इसके पीछे शामिल अन्य लोगों की पहचान करने में जुटी है। क्राइम ब्रांच की टीमें भी इस मामले की अपने स्तर पर जांच कर रही हैं। पुलिस इस आशंका से भी बिल्कुल इनकार नहीं कर रही है कि इस पूरी घटना के पीछे कोई स्थानीय व्यक्ति या फिर किसी कारोबारी का ही कोई नाराज पुराना कर्मचारी हो सकता है।
सोमवार को सर्राफा बाजार की सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए वहां अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की तैनाती कर दी गई। इसके अलावा, सादे कपड़ों में भी पुलिसकर्मी लगातार बाजार की निगरानी करते रहे। सर्राफा एसोसिएशन ने इस गंभीर मामले को पुलिस कमिश्नर विश्वास नांगरे पाटिल और गृह राज्य मंत्री पंकज भोयर के सामने भी उठाया है।
एक और अभिनेता को मिली धमकी
इसी बीच, मुंबई में बॉलिवुड के एक जाने-माने अभिनेता को भी लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर 5 करोड़ रुपये की उगाही की धमकी मिलने का मामला सामने आया है। इस अभिनेता को लॉरेंस बिश्नोई गैंग के एक सदस्य हैरी बॉक्सर के नाम से फोन किया गया और 5 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी गई। जैसे ही यह धमकी भरा कॉल आया, अभिनेता ने बिना कोई वक्त गंवाए तुरंत इसकी सूचना मुंबई पुलिस को दी। इसके बाद इस पूरे मामले की जांच मुंबई क्राइम ब्रांच की एंटी एक्सटॉर्शन सेल को सौंप दी गई।
जांच टीम ने अभिनेता को आए उस कॉल की ऑडियो रिकॉर्डिंग की बेहद गहनता से जांच की। पुलिस ने अपने डेटाबेस में पहले से मौजूद हैरी बॉक्सर के असली ऑडियो सैंपल से धमकी देने वाले शख्स की आवाज का मिलान कराया। जांच के दौरान जब ऑडियो सैंपल आपस में मैच नहीं हुए, तो शुरुआती जांच के आधार पर इस कॉल के पूरी तरह फर्जी होने का संदेह जताया जा रहा है।
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