पटना स्नातक निर्वाचन सीट से जनता दल यूनाईटेड के उम्मीदवार नीरज कुमार को जीत दिलाने के लिए राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन एकजुट दिख रहा है। लेकिन, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के निर्देश के बावजूद अब तक जदयू के नेता एक नहीं हो पाए हैं। एनडीए की बैठक के बावजूद मोकामा से जदयू के विधायक अनंत सिंह लगातार जनसुराज के प्रत्याशी डॉ. अनुज कुमार सिंह के समर्थन में रोड शो कर रहे हैं। उनके लिए वोट मांग रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि वह किसी भी कीमत पर नीरज कुमार के लिए वोट नहीं मांगेंगे। इस सीट पर जदयू, जनसुराज, राजद और कांग्रेस उम्मीदवार अपनी-अपनी जीत का दावा कर रहे हैं।
इधर, एक दिन पहले जदयू दफ्तर में निशांत कुमार के नेतृत्व में एनडीए के सभी दलों के नेता एकजुट हुए। सभी ने नीरज कुमार के समर्थन देने की बात की। साथ ही एनडीए के कार्यकर्ताओं को भी इस चुनाव में नीरज के लिए एकजुट होने की अपील की। इसके बाद उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र यादव, स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार, मंत्री दीपक प्रकाश समेत एनडीए के कई दिग्गजों ने नीरज कुमार के समर्थन में चुनाव प्रचार किया। वहीं इस चुनाव प्रचार पर प्रतिक्रिया देते हुए अनंत सिंह ने कह दिया कि निशांत कुमार को नीरज के चुनाव प्रचार में नहीं जाना चाहिए था। यह काफी छोटा चुनाव है। यह पार्टी का चुनाव नहीं है। इसलिए इसमें पार्टी के लोगों को नहीं जाना चाहिए। पार्टी के ओर कार्रवाई करने सवाल पर अनंत सिंह ने कहा कि इन सब से मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता है। मैं नीतीश कुमार के साथ था और उनके साथ ही रहूंगा।
ललन सिंह का समर्थन किसे?
एनडीए की बैठक के बाद जब केंद्रीय मंत्री ललन सिंह जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा के साथ एक ही कार में दिखे तो यह कयास लगाया जाने लगा कि जदयू में सबकुछ ठीक है। आने में दिनों में ललन सिंह ने नीरज कुमार के लिए प्रचार भी करते दिखेंगे। लेकिन, 15 अक्तूबर को नीरज कुमार के चुनाव प्रचार में वह नहीं दिखे। अब सूचना मिल रही है ललन सिंह ने 21 अक्तूबर को निशांत कुमार के साथ तिरहुत स्नातक सीट पर चुनाव प्रचार करने के लिए मुजफ्फरपुर जाएंगे। कुछ दिन पहले ही नीरज और अनंत सिंह के विवाद पर ललन सिंह ने प्रतिक्रिया दी थी। ललन सिंह ने अनंत सिंह के हवाले से कहा कि जिस व्यक्ति ने उनके लिए वोट नहीं मांगा, उसके लिए वह वोट नहीं मांगेंगे। अनंत सिंह का तर्क है कि वह भी जदयू के उम्मीदवार थे और नीतीश कुमार ने उन्हें उम्मीदवार बनाया था। ऐसे में उनके चुनाव के दौरान पार्टी अनुशासन कहां था, यह सवाल भी उन्होंने उठाया है।
नीरज के चुनाव प्रचार में निशांत ने क्या कहा?
स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने कहा कि 23 अक्तूबर को मतदान करते समय मतदाता वर्ष 2005 से पहले के बिहार और आज के बिहार की स्थिति को जरूर याद करें। नई पीढ़ी को भी उस दौर की परिस्थितियों से अवगत कराने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने वर्ष 2005 में सत्ता संभालने के बाद सुशासन और विकास को प्राथमिकता दी और शिक्षा के विस्तार से लेकर रोजगार सृजन तक कई काम किए। निशांत ने नीरज कुमार को पार्टी का समर्पित साथी बताते हुए मतदाताओं से उनके पक्ष में मतदान करने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सहयोग और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में आगे बढ़ रही विकास की यात्रा को समर्थन देने का यह अवसर है।
पटना स्नातक में किसका पलड़ा भारी?
वरिष्ठ पत्रकार प्रवीण बागी कहते हैं कि पटना स्नातक सीट पर नीरज कुमार का पलड़ा भारी है। तीन बार से वह इस सीट पर जीत रहे हैं। स्नातक मतदाताओं के बीच उनकी पकड़ अच्छी है। उनके एमएलसी चुनाव लड़ने का काफी अनुभव भी है। इस मुकाबले में जनसुराज के उम्मीदवार डॉ. अनुज कुमार की पकड़ उतनी नहीं है। अनंत सिंह के रोड शो में आम लोगों की भीड़ है। इसमें स्नातक वोटर कितने हैं? यह स्पष्ट नहीं। अगर अनुज कुमार पढ़े-लिखे वोटर में पकड़ बना लेते हैं तो कांटे की टक्कर देखने को मिलेगी। आमतौर इस चुनाव में जाति के आधार पर वोटिंग नहीं होती है। उस तरह से जाति गोलबंद नहीं होती है। अगर एनडीए समर्थकों का वोट बंटता है तो इसका लाभ राजद के दिलीप कुमार को मिल सकता है। हालांकि, कांग्रेस ने डॉ. असदुल्लाह खान को इस सीट से उम्मीदवार बनाया है जो कि अपने ही गठबंधनक के साथी को सीधी टक्कर देने के लिए चुनाव में उतरे हैं। इसके अलावा आम आदमी पार्टी के हिमांशु कुमार के अलावा कई निर्दलीय भी मैदान हैं। कुल मिलाकर देखें तो इस सीट पर मुकाबला काफी दिलचस्प हो गया है।
एमएलसी चुनाव: पटना में नीरज कुमार और नवल किशोर यादव के लिए एनडीए एकजुट, जदयू दफ्तर में किसने ने क्या कहा?
प्रशांत किशोर क्या रणनीति बना रहे हैं?
वरिष्ठ पत्रकार प्रवीण बागी के अनुसार, जदयू और महागठबंधन के आपसी कलह का फायदा जनसुराज उठाना चाहती है। नीरज कुमार के खिलाफ अनंत सिंह के खुलकर प्रचार करने से जन सुराज को जदयू की अंदरूनी खींचतान को चुनावी बहस में उठाने का अवसर मिला है। वहीं राजद ओर कांग्रेस के उम्मीदवार एक-दूसरे के खिलाफ चुनावी मैदान में है। इनके नेता भी अब तक चुनाव प्रचार में नहीं दिखे हैं। इधर, प्रशांत किशोर ने स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में बदलाव की बात कही है। पीके ने अपने प्रत्याशी के जीतने वाले निर्वाचन क्षेत्र के युवाओं के लिए 10,000 नौकरियों का वादा भी किया है।
जानिए पटना स्नातक सीट के बारे में
पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में कुल 87,583 मतदाता हैं। इनमें 66,462 पुरुष, 21,117 महिलाएं और चार अन्य मतदाता शामिल हैं। पटना स्नातक सीट फिलहाल जदयू के पास है। 2020 के विधान परिषद चुनाव में नीरज कुमार ने यहां से लगातार तीसरी बात जीत हासिल की थी। तब उन्होंने राजद प्रत्याशी आजाद गांधी को 8252 वोटों के अंतर से हराया था। नीरज कुमार को 20,948 वोट मिले थे। उन्होंने राजद प्रत्याशी आजाद गांधी को हराया था।
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