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बीकानेर:मेयर चुनाव आज, कांग्रेस के पास 42 पार्षद; क्या बहुमत बचा पाएगी पार्टी? – Bikaner Mayor Election 2026 Congress Anil Kalla Bjp Surendra Singh Political Equation

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बीकानेर नगर निगम में महापौर पद के लिए आज चुनाव होगा। 80 वार्ड वाले निगम में कांग्रेस ने 42 सीटें जीतकर बहुमत हासिल किया है। बहुमत के लिए 41 पार्षदों का समर्थन जरूरी है। भाजपा के खाते में 27 सीटें आई हैं, जबकि 10 निर्दलीय और एक सीट राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) के खाते में गई है। ऐसे में संख्या बल के हिसाब से कांग्रेस बहुमत के आंकड़े से सिर्फ एक सीट ऊपर है।

80 वार्डों में ऐसा है पूरा सियासी गणित

बीकानेर नगर निगम के कुल 80 वार्डों में कांग्रेस ने 42 सीटों पर जीत दर्ज की है। भाजपा 27 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर रही। वहीं 10 वार्डों में निर्दलीय पार्षद और एक वार्ड में आरएलपी प्रत्याशी विजयी हुआ। इस तरह कांग्रेस के पास बहुमत के 41 के आंकड़े से एक सीट ज्यादा है। महापौर का चुनाव सीधे जनता नहीं करती, बल्कि नगर निगम के निर्वाचित पार्षद मतदान करते हैं। ऐसे में कांग्रेस के लिए अपने 42 पार्षदों को एकजुट रखना अहम होगा। भाजपा के पास बहुमत का आंकड़ा नहीं है, इसलिए उसके लिए बाकी पार्षदों के समर्थन का गणित भी महत्वपूर्ण रहेगा।

कांग्रेस ने अनिल कल्ला को बनाया प्रत्याशी

कांग्रेस ने वार्ड 73 से निर्वाचित पार्षद अनिल कल्ला को महापौर पद के लिए अपना अधिकृत प्रत्याशी बनाया है। अनिल कल्ला पूर्व मंत्री डॉ. बीडी कल्ला के भतीजे हैं। भाजपा ने वार्ड 13 के पार्षद सुरेंद्र सिंह शेखावत को मैदान में उतारा है। महापौर चुनाव से पहले कांग्रेस के भीतर प्रत्याशी चयन को लेकर असंतोष भी सामने आया था। वार्ड 50 के पार्षद नवरतन डागा ने अनिल कल्ला के खिलाफ नामांकन दाखिल किया था। हालांकि, बाद में डागा ने अपना नामांकन वापस ले लिया, जिससे अब कांग्रेस के अधिकृत प्रत्याशी अनिल कल्ला के सामने पार्टी के भीतर से सीधी चुनौती नहीं है।

बहुमत सिर्फ एक सीट ऊपर, इसलिए हर वोट अहम

कांग्रेस के पास 42 पार्षद हैं और बहुमत के लिए 41 वोट जरूरी हैं। यानी पार्टी का आंकड़ा बहुमत से केवल एक सीट ज्यादा है। ऐसे में चुनाव के दौरान हर पार्षद का वोट महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

दूसरी ओर भाजपा के पास 27 पार्षद हैं। ऐसे में उसके लिए बहुमत तक पहुंचने के लिए दूसरे दलों और निर्दलीय पार्षदों के समर्थन का गणित बनाना जरूरी होगा। 10 निर्दलीय और एक आरएलपी पार्षद भी निगम के चुनावी समीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका में हैं।

आज होगा फैसला, किसके सिर सजेगा बीकानेर का मेयर पद?

बीकानेर नगर निगम के महापौर पद के लिए 21 सितंबर को निर्वाचित पार्षद मतदान करेंगे। मतदान के बाद मतगणना की जाएगी और इसके साथ ही महापौर के नाम का फैसला हो जाएगा। कांग्रेस के पास फिलहाल बहुमत का आंकड़ा मौजूद है, लेकिन चुनाव में उसके 42 पार्षदों का समर्थन कितना कायम रहता है, इस पर नजर रहेगी। वहीं भाजपा के लिए उपलब्ध संख्या के अलावा निर्दलीय और अन्य पार्षदों के रुख पर निगाह होगी। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि 80 सदस्यीय बीकानेर नगर निगम में 42 पार्षदों के साथ बहुमत हासिल करने वाली कांग्रेस अपना महापौर चुन पाती है या मतदान के दौरान कोई नया सियासी समीकरण सामने आता है।



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