लालरेमसियामी का मैदानी गोल
भारतीय टीम ने चीन के खिलाफ पहले क्वार्टर से दबाव बनाया। बलजीत कौर को छठे मिनट में ग्रीन कार्ड मिला। लेकिन भारत ने चीन पर दबाव बनाया और भारत के लिए 200वां अंतरराष्ट्रीय मैच खेल रहीं लालरेमसियामी ने 10वें मिनट में मैदानी गोल दागा। इस तरह भारत ने शुरुआत में ही 1-0 की बढ़त बनाई। भारत के पास बढ़त को बरकरार रखने की चुनौती थी। भारतीय खिलाड़ियों ने चीन के हर हमले को नाकाम किया और अंत तक बढ़त बनाए रखी। भारत के लिए लालरेमसियामी का एकमात्र गोल निर्णायक साबित हुआ। भारत पूरे टूर्नामेंट में अजेय रहा और आखिरकार 44 साल का सूखा समाप्त करने में सफल रहा।
सविता पूनिया का शानदार बचाव
चीन ने दूसरे क्वार्टर में आक्रामक खेल दिखाया और लगातार भारत पर दबाव बनाए रखा। चीन ने तब राहत की सांस ली, जब उसे पेनल्टी स्ट्रोक मिला। चीन के लिए बराबरी हासिल करने के यह शानदार मौका था, लेकिन भारतीय महिला टीम की अनुभवी गोलकीपर सविता पूनिया ने दमदार बचाव कर चीन को बराबरी करने से रोका। इसके बाद भी चीन का आक्रामण जारी रहा, लेकिन भारतीय डिफेंस ने शानदार प्रदर्शन कर चीन की हर कोशिश को नाकाम किया। दूसरे क्वार्टर में भारत अधिक डिफेंसिव होकर खेल रहा था।
पेनल्टी पर नहीं होने दिया गोल
भारतीय टीम ने शुरुआत से मैच पर अपनी पकड़ बनाए रखी। मैच में 52 प्रतिशत गेंद भारत के पाले में रही, जबकि 48 प्रतिशत चीन के पाले में। दोनों टीमों के एक-एक खिलाड़ी को ग्रीन कार्ड मिला। भारत को पांच पेनल्टी कॉर्नर मिले, लेकिन टीम इसे गोल में नहीं बदल सकी। हालांकि, भारत ने सिर्फ बार चीन को पेनल्टी कॉर्नर हासिल करने का मौका दिया और उसे बराबरी करने से रोकने में सफल रही।
गोलकीपर को बाहर करने की रणनीति विफल की
भारतीय टीम ने पहले क्वार्टर में बढ़त ली, लेकिन चीन लगातार आक्रमण करता रहा। इस दौरान भारत ने डिफेंस में शानदार खेल दिखाया। भारत के पास बढ़त को बरकरार रखने की चुनौती थी। चीन ने आखिरी कुछ मिनटों में रणनीति में बदलाव किया और अपने गोलकीपर को बाहर बैठाया। चीन ने इस तरह अटैकिंग में एक अतिरिक्त खिलाड़ी को उतारा। लेकिन उसकी रणनीति सफल नहीं हुई क्योंकि भारत ने अंत में डिफेंस से ज्यादा अटैकिंग करने पर ध्यान दिया।




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