चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के फिलीपींस की राजधानी मनीला में होने वाले 49वें आसियान शिखर सम्मेलन में शामिल नहीं होने की संभावना है। उनकी जगह चीन के प्रधानमंत्री ली च्यांग इस क्षेत्रीय बैठक में देश का प्रतिनिधित्व कर सकते हैं। फिलीपींस के विदेश मंत्रालय ने इस संबंध में जानकारी दी है। हालांकि, चीन की ओर से ली च्यांग की मौजूदगी की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। यह सम्मेलन ऐसे समय हो रहा है, जब दक्षिण-पूर्व एशिया में क्षेत्रीय सहयोग के साथ अमेरिका और चीन के संबंध भी चर्चा में हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भी सम्मेलन में शामिल होने की उम्मीद है।
फिलीपींस इस साल 49वें आसियान शिखर सम्मेलन और उससे जुड़ी बैठकों की मेजबानी कर रहा है। फिलीपींस के विदेश मंत्रालय के सहायक सचिव और आसियान मामलों के प्रवक्ता डैक्स इम्पीरियल ने कहा कि चीन की ओर से आमतौर पर राष्ट्रपति नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री आसियान सम्मेलनों में शामिल होते हैं। उनके मुताबिक, पिछले कुछ वर्षों से ली च्यांग ही चीन के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करते रहे हैं। हालांकि, उन्होंने साफ किया कि फिलीपींस को अभी तक ली च्यांग के दौरे की आधिकारिक सूचना नहीं मिली है। यह पुष्टि सम्मेलन के करीब आने पर मिलने की उम्मीद है।
शी जिनपिंग की जगह ली च्यांग क्यों कर सकते हैं चीन का प्रतिनिधित्व?
फिलीपींस के विदेश मंत्रालय के मुताबिक, चीन की यह सामान्य प्रक्रिया रही है कि आसियान से जुड़ी बैठकों में प्रधानमंत्री ली च्यांग प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करते हैं। इसलिए इस बार भी उनके शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, शी जिनपिंग के सम्मेलन में शामिल नहीं होने को लेकर चीन की ओर से कोई औपचारिक घोषणा नहीं की गई है। फिलीपींस के विदेश मंत्रालय ने भी अभी केवल चीन के प्रतिनिधित्व की परंपरा का जिक्र किया है। ऐसे में ली च्यांग की मौजूदगी को फिलहाल संभावित माना जा रहा है। सम्मेलन में ब्रुनेई, कंबोडिया, इंडोनेशिया, लाओस, मलेशिया, म्यांमार, सिंगापुर, थाईलैंड, तिमोर-लेस्ते, वियतनाम और मेजबान फिलीपींस के नेता शामिल होंगे।
फिलीपींस और चीन के बीच सम्मेलन को लेकर क्या बातचीत हुई?
फिलीपींस की विदेश मंत्री मारिया टेरेसा लाजारो ने मंगलवार को चीन के विदेश मंत्री वांग यी से फोन पर बातचीत की। इस दौरान दोनों देशों ने आगामी बैठकों और अपने नेताओं की भागीदारी पर चर्चा की। फिलीपींस के विदेश मंत्रालय के अनुसार, लाजारो ने बताया कि राष्ट्रपति फर्डिनेंड मार्कोस जूनियर मनीला में होने वाले 49वें आसियान शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री ली च्यांग की भागीदारी की उम्मीद कर रहे हैं। वहीं, वांग यी ने चीन में होने वाली 33वीं एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग (एपेक) नेताओं की बैठक में मार्कोस की भागीदारी को लेकर चीन की उत्सुकता जताई। यह बैठक 18 और 19 नवंबर को चीन के शेनझेन शहर में होनी है। दोनों देशों ने यह भी भरोसा दिया कि बैठकों के दौरान एक-दूसरे के नेताओं को उचित सम्मान और जरूरी सहायता दी जाएगी।
ट्रंप और संयुक्त राष्ट्र महासचिव गुटेरेस भी होंगे शामिल?
आसियान सम्मेलन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेस के भी शामिल होने की उम्मीद है। फिलीपींस के राष्ट्रपति कार्यालय ने 14 अक्टूबर को ट्रंप की भागीदारी की पुष्टि की थी। व्हाइट हाउस के मुताबिक, ट्रंप 16 नवंबर को फिलीपींस जाएंगे। इसके बाद वह एपेक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए चीन के शेनझेन पहुंचेंगे। उनकी इस यात्रा को दक्षिण-पूर्व एशिया में अमेरिकी सहयोगियों के प्रति वाशिंगटन की प्रतिबद्धता दिखाने और आर्थिक तथा राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े उद्देश्यों को आगे बढ़ाने के प्रयास के तौर पर देखा जा रहा है।
चीन दौरे पर ट्रंप और शी जिनपिंग की मुलाकात क्यों अहम होगी?
ट्रंप के चीन दौरे के दौरान उनकी शी जिनपिंग से मुलाकात भी प्रस्तावित है। यह दोनों नेताओं के बीच एक और अहम बातचीत होगी। इससे पहले शी जिनपिंग 23 से 25 सितंबर तक अमेरिका की राजकीय यात्रा पर गए थे। उस यात्रा के बाद चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने कहा था कि दोनों नेताओं ने आपसी सम्मान, निष्पक्षता और पारस्परिक लाभ के आधार पर रचनात्मक संबंध बनाने पर सहमति जताई थी। वांग के मुताबिक, बातचीत में दोनों देशों के बीच रणनीतिक मुद्दों और व्यापक वैश्विक हालात पर चर्चा हुई थी। उन्होंने कहा था कि आपसी सम्मान का मतलब एक-दूसरे की संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और विकास के रास्ते को स्वीकार करना है। निष्पक्षता का अर्थ ऐसा सहयोग है, जिसमें किसी एक पक्ष का फायदा दूसरे के नुकसान पर आधारित न हो। वहीं, पारस्परिकता का मतलब दोनों देशों को संप्रभुता के लिहाज से बराबर मानना है।
आसियान सम्मेलन में भारत समेत किन देशों की भागीदारी होगी?
49वें आसियान सम्मेलन में दक्षिण-पूर्व एशिया के 11 देशों के नेता हिस्सा लेंगे। इसके अलावा आसियान प्लस थ्री और पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन से जुड़े देशों के नेताओं के भी शामिल होने की उम्मीद है। आसियान प्लस थ्री में चीन, जापान और दक्षिण कोरिया शामिल हैं। वहीं, पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में भारत, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, चीन, जापान, न्यूजीलैंड, दक्षिण कोरिया और रूस जैसे आठ संवाद साझेदार देश भी शामिल होते हैं। फिलीपींस के विदेश मंत्रालय के अनुसार, कुछ देशों की भागीदारी को लेकर औपचारिक सूचनाओं का इंतजार है। ऐसे में सम्मेलन में अलग-अलग देशों के नेताओं की मौजूदगी और उनके बीच होने वाली बातचीत पर क्षेत्रीय सहयोग के साथ वैश्विक कूटनीति की भी नजर रहेगी।
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