{“_id”:”6aef1c178b2e066f060ed0f7″,”slug”:”khabaron-ke-khiladi-rahul-gandhi-challenges-pm-narendra-modi-for-debate-expert-analyse-politics-and-planning-2026-11-07″,”type”:”feature-story”,”status”:”publish”,”title_hn”:”खबरों के खिलाड़ी: राहुल-कांग्रेस की पीएम मोदी को बहस की चुनौती, विश्लेषकों ने बताया रणनीति कितनी कारगर”,”category”:{“title”:”India News”,”title_hn”:”देश”,”slug”:”india-news”}}

खबरों के खिलाड़ी।
– फोटो : अमर उजाला
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बहस की चुनौती दी है। एक्स पर लगातार वीडियो पोस्ट कर राहुल और कांग्रेस पीएम मोदी से डिबेट की मांग कर रहे हैं। दूसरी तरफ भाजपा और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राहुल को जवाब देते हुए कहा है कि वे संसद को चलने नहीं देते, मुद्दों पर चर्चा नहीं करते। अगर उन्हें बहस करनी है तो संसद में करें। इस बीच सियासी गलियारों में राहुल की पीएम को बहस की चुनौती को विपक्ष की नई रणनीति करार दिया जा रहा है। खबरों के खिलाड़ी में इस हफ्ते इसी पर चर्चा हुई। वरिष्ठ पत्रकार रामकृपाल सिंह, पूर्णिमा त्रिपाठी और विनोद अग्निहोत्री ने राहुल की इस चुनौती का विश्लेषण किया और बताया कि यह रणनीति कितनी कारगर होगी।
राम कृपाल सिंह: किसी भी लक्ष्य के लिए ठोस रणनीति जरूरी होती है। राहुल गांधी की लोकप्रियता बेशक बढ़ी है और बदलाव चाहने वाले लोग उनकी ओर देख रहे हैं, लेकिन उनकी कार्यशैली 10 हॉर्स पावर के उस अनियंत्रित इंजन जैसी है जिसका पानी चारों तरफ बहकर बर्बाद हो जाता है, जबकि जरूरत केंद्रित क्यारी बनाकर सींचने की है। गुजरात में कांग्रेस बाहरी चेहरों पर निर्भर रही और यूपी में 40 साल बाद भी पार्टी 10 प्रमुख चेहरे नहीं गिना सकती। नेता की व्यक्तिगत ताकत संगठन की कमजोरी नहीं बननी चाहिए। जमीनी पकड़ के बिना महज प्रधानमंत्री पद की दावेदारी देखना व्यावहारिक नहीं है।
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