{“_id”:”6aef3a8d34a28398ac06b313″,”slug”:”khabaron-ke-khiladi-up-election-2027-amit-shah-vs-akhilesh-yadav-expert-analysis-politics-news-updates-2026-11-07″,”type”:”feature-story”,”status”:”publish”,”title_hn”:”खबरों के खिलाड़ी: शाह के ‘अंगद के पैर’ वाले बयान के क्या मायने, अखिलेश की कैसी रणनीति? विश्लेषकों ने बताया”,”category”:{“title”:”India News”,”title_hn”:”देश”,”slug”:”india-news”}}

खबरों के खिलाड़ी।
– फोटो : अमर उजाला
उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव में होने में अब कुछ ही महीने का समय बाकी है। हालांकि, राज्य में सियासी पारा चरम पर पहुंच चुका है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की ओर से राज्य में तीसरी बार सरकार बनने का दावा करते हुए भाजपा को उत्तर प्रदेश में ‘अंगद का पैर’ बताया जा चुका है। इस पर मुख्य विपक्षी नेता अखिलेश यादव ने पलटवार करते हुए कहा कि जमीन ही नहीं बचेगी तो पैर कहां रखेंगे? अब इस सियासी घमासान के बीच कांग्रेस भी सक्रिय नजर आ रही है और प्रियंका गांधी वाड्रा संगठन को मजबूत करने में जुटी हैं। खबरों के खिलाड़ी में इस हफ्ते यूपी के इसी गरमाते राजनीतिक माहौल को लेकर चर्चा हुई। वरिष्ठ पत्रकार रामकृपाल सिंह, पूर्णिमा त्रिपाठी और विनोद अग्निहोत्री ने इस पूरे मुद्दे का विश्लेषण किया।
रामकृपाल सिंह: चुनावों से पहले कार्यकर्ताओं में जोश भरने के लिए राजनीतिक दल ऐसी बयानबाजी करते हैं। राष्ट्रीय स्तर पर भाजपा का विकल्प केवल कांग्रेस की छतरी ही बन सकती है, क्षेत्रीय दल इसका विकल्प नहीं हो सकते। उत्तर प्रदेश का चुनाव दोनों गठबंधनों के लिए कड़ी परीक्षा है। उत्तर प्रदेश में पार्टी संगठन से कहीं बड़ा व्यक्तिगत करिश्मा योगी आदित्यनाथ का है। मतदाताओं में योगी के प्रति गहरा समर्थन है और अमित शाह भी जानते हैं कि योगी को अलग करने का मतलब भाजपा को कमजोर करना होगा। उधर कांग्रेस जब तक मध्य प्रदेश और राजस्थान जैसे सीधे मुकाबले वाले राज्यों में खुद को मजबूत नहीं करेगी, तब तक उसे क्षेत्रीय दलों से उचित स्वीकार्यता नहीं मिलेगी।
Excepteur sint occaecat cupidatat non proident
Leave a comment