गाजियाबाद की वसुंधरा पुलिस चौकी में हुए धमाके को आतंकी साजिश मानते हुए आतंक विरोधी दस्ता (एटीएस) और आईबी की टीम ने आसपास के 13 सीसीटीवी खंगाले हैं। इनकी डीवीआर भी टीम साथ लेकर गई है। बीटीएस से आए मोबाइल नंबर धारकों से पूछताछ भी की है। दोनों टीमों ने इस धमाके को आतंकी साजिश होने की आशंका जताई है।
इंदिरापुरम थाने की वसुंधरा पुलिस चौकी में हुए धमाके की जांच में सामने आया कि पुलिस चौकी की दीवार से टकराकर विस्फोटक सामग्री जमीन पर गिरी और धमाका हुआ। पुलिस चौकी की दीवार से करीब डेढ़ फीट दूर धमाका हुआ।
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पुलिस चौकी में धमाके के बाद जांच के लिए पहुंची टीम
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
टीम ने आशंका जताई कि विस्फोटक सामग्री को पुलिस चौकी में रखा नहीं बल्कि फेंका गया है। टीम का मानना है कि विस्फोटक सामग्री छत पर गिरी होती तो जनहानि की भी आशंका थी।
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पुलिस चौकी में धमाके के बाद जांच के लिए पहुंची टीम
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्फोटक सामग्री किसने फेंकी इसके लिए नजदीकी टावर से उठाये गए बीटीएस से घटना के दौरान 300 से अधिक लोगों के मोबाइल नंबर संचालित होने की सूची टीमों पर थी। उन्होंने चौकी के 20 मीटर के दायरे ट्रेस हुए चार मोबाइल धारकों से पूछताछ भी की। जिसके बाद टीम सीसीटीवी की डीवीआर और लोगों के बयान दर्ज का4 लौट गई।
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पुलिस चौकी में धमाके के बाद घटनास्थल पर पहुंचे अधिकारी
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
प्रेमिका से मिलने आया था स्कूटी सवार
एलिवेटिड पर मिली संदिग्ध स्कूटी के पीछे दौड़ी क्राइम ब्रांच की टीम ने उसके मालिक के घर दबिश दी। हालांकि स्कूटी मालिक रविवार की दोपहर तीन बजे इंदिरापुरम थाने खुद पहुंचा और पुलिस के कब्जे में अपनी स्कूटी होने की बात कही।
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पुलिस चौकी में धमाके के बाद जांच के लिए पहुंची टीम
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पुलिस ने पूछताछ की तो युवक ने बताया कि सोशल मीडिया पर एक युवती से दोस्ती हुई और वह उससे मिलने राजनगर जा रहा था। स्कूटी एलिवेटिड पर बंद हो गई तो वह अन्य व्यवस्था कर राजनगर पहुंचा। महिला दोस्त से मिलने के बाद इंदिरापुरम थाने आया हूं। रेस्टोरेंट के बिल और स्कूटी के दस्तावेज देखकर युवक को पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया।
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